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Friday, February 11, 2011

प्रलयंकारी अश्वराज

अश्वलोक के सूर्यवंशी राजा तारपीडो का पुत्र अश्वराज और चंद्रवंशी राजा अश्वातंक की पुत्री अश्वकीर्ति के प्रेम को हथियार बनाकर कारूं का खज़ाना प्राप्त करने की योजना बनायी शैतान तूताबूता ने जिसमे फंसकर रह गए अश्वराज, अश्वकीर्ति, तारपीडो और अश्वातंक। अश्वराज और अश्वकीर्ति को गंवानी पड़ी अपनी जान परन्तु अश्वराज ने पुनर्जन्म लेकर पूर्व जनम की प्रेयसी जिसने जन्म लिया था कुदुमछुम्बी के रूप में उसको जीता रथ मैराथन में परन्तु एक बार फिर अश्वराज खड़ा था तूताबूता के षड्यंत्रों के जाल में फंस कर कारूं के खजाने के पास। और फिर..............?

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