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Wednesday, October 13, 2010

राजमहल का चोर

नगर में फैला हुआ था कच्छ दैत्यों का आतंक जो हर पूर्णिमा की रात्रि आते और नगर में मचाते आतंक। उनके आतंक से बचने के लिए राजा शांतनु हर पुर्णिमा की रात्रि को प्रजा के एक युवक को उन राक्षसों के सुपुर्द कर देता। परन्तु एक बार किसी दुसरे देश विक्रमगढ़ के राजकुमार चन्द्रभान ने एक रात बचा लिया राक्षसों के शिकार युवक तापू को। इससे क्रोधिक होकर कच्छ राक्षसों ने नगर में हाहाकार मचा कर अपहरण कर लिया राजमहल समेत राजा शांतनु को। यह सब जानकर राजकुमार चन्द्रभान ने ठान लिया नगरवासियों को राक्षस के आतंक से बचाने का। और फिर............?

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