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Sunday, July 11, 2010

राज प्रतिज्ञा

जैसलमेर का पराक्रमी राजा विक्रमसिंह जिसको अपनी राजपुताना आन-बान-शान पर बेहद फख्र था। उसके राज्य पर किया पड़ौसी राज्य रणथम्भौर के राजा जयमलसिंह ने हमला परन्तु राजा विक्रमसिंह के हाथों उसे करना पड़ा हार का सामना और करना पड़ा अपनी जान का सौदा हर साल एक बड़े खजाने के रूप में राजा विक्रमसिंह को देने का। अपने इस अपमान ने तिलमिला उठा राजा जयमलसिंह। इधर राजा जयमलसिंह का पुत्र राजकुमार विजय सिंह और विक्रमसिंह की पुत्री राजकुमारी जयश्री एक दूसरे से करने लगे प्रेम। परन्तु राजपूतों की आन-बान-शान के कारण विक्रमसिंह को मंजूर नहीं था यह रिश्ता। और फिर..........?

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