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Friday, April 9, 2010

तहखाने का कैदी

बैंगलौर की एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी चलाने वाली अनु कलकत्ता अपने अंकल के घर छुट्टियाँ बिताने आई तो उसे पता चला की उसके अंकल प्रो. कृष्णन के घर में हो रही थी कुछ रहस्यमय घटनाएँ। एक तहखाने में बंद कर रखा था प्रो. कृष्णन को उनकी पत्नी और बेटे ने क्योंकि एक दुर्घटना में अपना चेहरा ख़राब हो जाने की वजह से वो हो गए थे पागल। और फिर पागल प्रो. कृष्णन गायब हो गए तहखाने से और करने लगे हत्याएं। और फिर..........?

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